#Dunfactory #Munger #Defenceminister – News Ang Dastak https://newsangdastak.com News Ang Dastak News Portal Wed, 24 Dec 2025 14:54:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 मुंगेर के बंदूक उद्योग को मिलेगी वैश्विक पहचान: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ‘डिफेंस कॉरिडोर’ और आधुनिक उत्पादन हेतु दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन https://newsangdastak.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%95-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%8b/ Wed, 24 Dec 2025 14:52:20 +0000 https://newsangdastak.com/?p=2563 न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

बिहार के ऐतिहासिक मुंगेर बंदूक उद्योग के लिए प्रगति के नए द्वार खुलते नजर आ रहे हैं। मुंगेर के कुशल कारीगरों की विरासत और उनकी अद्वितीय तकनीक अब ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की ओर अग्रसर है। इसी सिलसिले में द गन मैन्युफैक्चरर्स (लाइसेंसीज) एसोसिएशन, मुंगेर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रांची में रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार, संजय सेठ से उनके निवास पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सार्थक मुलाकात की।

रक्षा उत्पादन में मुंगेर की भूमिका पर मंथन
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को मुंगेर की सदियों पुरानी बंदूक निर्माण कला और वर्तमान चुनौतियों से अवगत कराया। चर्चा का मुख्य केंद्र बिहार में प्रस्तावित ‘डिफेंस कॉरिडोर’ रहा। संघ ने यह प्रस्ताव रखा कि यदि मुंगेर के कौशल को आधुनिक रक्षा उपकरणों के उत्पादन से जोड़ा जाए, तो यह न केवल जिला बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को बदल सकता है।
संघ के संयुक्त सचिव संदीप कुमार शर्मा ने चर्चा के दौरान जोर देते हुए कहा, “मुंगेर के पास वह हुनर है जो विश्व स्तर के छोटे हथियारों (Small Arms) की कमी को पूरा कर सकता है। हमें बस आधुनिक मशीनरी, तकनीकी सहयोग और सरकार के प्रोत्साहन की आवश्यकता है ताकि हम भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की आवश्यकताओं में अपना योगदान दे सकें।”

मंत्री ने दिया आश्वासन, कहा- मुंगेर के कारीगरों की क्षमता अद्वितीय, बनेगा मेक इन इंडिया’ का बनेगा केंद्रः
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और मुंगेर के ऐतिहासिक महत्व की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि “मुंगेर के कारीगरों की क्षमता अद्वितीय है। उनकी इस प्रतिभा का उपयोग हम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूती के लिए, बल्कि रक्षा निर्यात (Defense Export) को बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं। मुंगेर को आधुनिक रक्षा उत्पादन से जोड़ने के प्रस्तावों पर मंत्रालय शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई करेगा।”
स्थानीय रोजगार और विकास की नई उम्मीद
यह मुलाकात मुंगेर के बंदूक उद्योग के पुनरुद्धार की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ मानी जा रही है। यदि मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जाता है और रक्षा उपकरणों के निर्माण का लाइसेंस मिलता है, तो इससे हजारों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

गौरवशाली उद्योग को मिलेगी ‘संजीवनी’
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। संघ का मानना है कि केंद्र सरकार के इस सकारात्मक रुख से मुंगेर के लुप्त होते जा रहे इस गौरवशाली उद्योग को ‘संजीवनी’ मिलेगी और यह क्षेत्र एक बार फिर से रक्षा उत्पादन के वैश्विक मानचित्र पर उभर कर सामने आएगा।
इस अवसर पर एसोसिएशन के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वार्ता को मुंगेर के औद्योगिक भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया।

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