#education #sarswatividyamandir #munger – News Ang Dastak https://newsangdastak.com News Ang Dastak News Portal Wed, 31 Dec 2025 13:01:09 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 शिक्षिका संगीता सहाय की गरिमामय विदाई: सरस्वती विद्या मंदिर में सेवा, संस्कार और समर्पण का हुआ सम्मान https://newsangdastak.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97/ Wed, 31 Dec 2025 12:59:19 +0000 https://newsangdastak.com/?p=2793 न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
मुंगेर स्थित वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर में बुधवार को एक भावपूर्ण विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका संगीता सहाय की सेवा निवृत्ति के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें उनके दशकों लंबे शैक्षणिक योगदान को याद कर उन्हें सम्मानित किया गया।

संस्कार और सेवा का संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और शिक्षिका शिवांगी सिन्हा द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ‘स्नेह के हम सुमन लेकर कर रहे स्वागत तुम्हारा’ से हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने संगीता सहाय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “उन्होंने शिक्षा को महज पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाया। धैर्य और व्यवस्थित कार्यप्रणाली उनके व्यक्तित्व की पहचान है, जिससे समाज को नई दिशा मिली।”
उप प्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह और बालिका खंड प्रभारी राखी कुमारी ने उनके अनुशासन और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगीता जी ने पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों के भीतर जीवन मूल्यों और संस्कारों का बीजारोपण किया।

अनुभवों की सांझी विरासत
समारोह के मुख्य अतिथियों में शामिल पत्रकार संतोष सहाय ने प्रेरक शब्दों में कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता; वह ताउम्र समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहता है। वहीं, प्राथमिक खंड प्रभारी सुजीता कुमारी, शिक्षिका पाणिनी मिश्रा और शिक्षक नीरज कुमार मिश्र ने संगीता जी के साथ बिताए सुनहरे पलों और उनके मृदुभाषी स्वभाव को याद किया।

भावुक विदाई और सम्मान
अपनी विदाई पर संगीता सहाय भावुक दिखीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह विद्यालय और यहाँ के छात्र मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। कर्म ही प्रधान है और ईश्वर प्रदत्त कार्यों को निष्ठा से करना ही हमारी असली सफलता है।”
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
संगीतमय विदाई: शिक्षिका सुवर्णा घोष ने हृदयस्पर्शी विदाई गीत प्रस्तुत किया।
विशेष उपहार: शिक्षिका चित्रा मिश्रा ने बड़ी दुर्गा माँ की तस्वीर और उनके कार्यकाल की यादों का एक फोटो संग्रह भेंट किया।
सराहना: डॉ. काशीनाथ मिश्र और मुकेश कुमार सिन्हा ने उनके प्रभावी शिक्षण कौशल और सजगता की प्रशंसा की।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुरीति राज ने किया। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया और उपप्रधानाचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस गौरवपूर्ण विदाई समारोह का समापन हुआ।

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धर्म और राष्ट्र रक्षा के अमर प्रतीक: सरस्वती विद्या मंदिर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया ‘वीर बाल दिवस’ https://newsangdastak.com/%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85/ Fri, 26 Dec 2025 12:03:53 +0000 https://newsangdastak.com/?p=2655 न्यूज अंग दस्तक| मुंगेर
स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में आज ‘वीर बाल बलिदानी दिवस’ का गरिमामय आयोजन किया गया। यह दिवस दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबज़ादों के उस अद्वितीय और महान बलिदान को समर्पित था, जिन्होंने अल्पायु में ही धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर साहिबज़ादों की वीरता को नमन करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से अवगत कराया।

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
समारोह का विधिवत शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह, उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह, बालिका खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी एवं प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजीता कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने वीर बालकों के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पूरा वातावरण ‘वीर साहिबज़ादे अमर रहें’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

वक्ताओं के विचार: बलिदान की अनूठी गाथा
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कहा, “साहिबज़ादों का बलिदान मानवता के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। इतनी कम उम्र में अत्याचार के सामने न झुकने का उनका संकल्प हमें आत्मसम्मान के साथ जीने की प्रेरणा देता है।”
वहीं, उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने उनके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल अवस्था में धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के उदाहरण विश्व इतिहास में विरले ही मिलते हैं। यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा। बालिका खंड की प्रभारी राखी कुमारी ने भी साहिबज़ादों के त्याग को अटूट शक्ति का स्रोत बताया।
एकता और अखंडता का संकल्प
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर वीरता, साहस और नैतिक मूल्यों का संचार करना था, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें।

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मुंगेर: सरस्वती विद्या मंदिर में अटल-मालवीय जयंती एवं ‘सप्तशक्ति संगम’ का भव्य आयोजन https://newsangdastak.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82/ Wed, 24 Dec 2025 17:20:31 +0000 https://newsangdastak.com/?p=2595 न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में आज भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ, जिसमें मातृ शक्ति की महत्ता पर बल दिया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जय किशोर पाठक, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ प्रभारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

महापुरुषों के आदर्शों का स्मरण
प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने अटल जी को ‘युगद्रष्टा’ और मालवीय जी को ‘शिक्षा का शिल्पकार’ बताते हुए कहा कि राष्ट्रहित और चरित्र निर्माण ही इन विभूतियों का असली संदेश है। मुख्य अतिथि जय किशोर पाठक ने उनके दिखाए सुशासन और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने अटल जी के सामरिक योगदान (पोखरण) और बुनियादी ढांचे (स्वर्णिम चतुर्भुज) के विकास को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. काशीनाथ मिश्र ने अटल जी की कविताओं और उनके राष्ट्रप्रेम को आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
नारी शक्ति का संगम: ‘सप्तशक्ति’
विद्यालय स्तरीय ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:
मातृ शक्ति की भूमिका: डॉ. कंचन कुमारी ने कहा कि माँ द्वारा दिया गया व्यावहारिक ज्ञान ही बच्चों में आत्मविश्वास और सहानुभूति के गुण विकसित करता है।
संस्कार और संस्कृति: प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी ने महिलाओं से बच्चों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप संस्कारवान बनाने का आह्वान किया।
विविध गतिविधियाँ: शिक्षिका संगीता सहाय ने कुटुम्ब प्रबोधन, शिवांगी ने प्रेरणादायी महिलाओं की वेशभूषा और सुरीति राज ने राष्ट्र विकास में महिलाओं के योगदान पर विचार रखे।
सम्मान एवं प्रतियोगिता: लया सिन्हा द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी में माताओं ने उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में रुक्मिणी देवी को ‘विशिष्ट माता’ के सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम का समापन सुवर्णा घोष के नवयुग गीतों और सुजीता कुमारी द्वारा दिलाए गए संकल्प के साथ हुआ। शिक्षिका पाणिनी मिश्रा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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गणित के ‘जादूगर’ रामानुजन की जयंती पर मुंगेर में मेधा का महाकुंभ: ‘जिज्ञासा और अभ्यास से संभव है हर शिखर’- प्रधानाचार्य https://newsangdastak.com/%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%95/ Mon, 22 Dec 2025 15:36:02 +0000 https://newsangdastak.com/?p=2466 न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में आज विश्वविख्यात गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ के रूप में अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में न केवल उनकी मेधा को नमन किया गया, बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों की तार्किक क्षमता का भी परीक्षण हुआ।

साधना और संकल्प का संगम
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह, उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह, और प्राथमिक एवं बालिका खंड की प्रभारी प्रधानाचार्याओं ने दीप प्रज्वलित कर और रामानुजन जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
संबोधन के दौरान प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने छात्रों में ऊर्जा भरते हुए कहा, “गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि यह हमारी तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता को धार देने का माध्यम है। रामानुजन का जीवन हमें सिखाता है कि यदि आपके पास अटूट जिज्ञासा और आत्मविश्वास है, तो सीमित संसाधनों में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।”

शून्य से शिखर तक का सफर
उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने रामानुजन के साधारण परिवेश और असाधारण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम संयोजक नवनीत चंद्र मोहन ने बताया कि कैसे कठिन परिस्थितियों के बावजूद रामानुजन ने वैश्विक गणित को नई दिशा दी।
शिक्षक उज्ज्वल कुमार ने उनके तकनीकी योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि बिना किसी औपचारिक उच्च शिक्षा के रामानुजन ने संख्या सिद्धांत और अनंत श्रेणियों में जो 3884 सूत्र दिए, वे आज भी आधुनिक विज्ञान की नींव हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रसिद्ध ‘रामानुजन-हार्डी संख्या’ 1729 के महत्व को साझा किया।

जब मैदान में उतरे शिक्षक और छात्र
इस जयंती को ‘नेक्स्ट लेवल’ उत्साह तब मिला जब गणितीय प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए आयोजित गणितीय पहेलियों और पहाड़ा प्रतियोगिता में तीखी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
रोचक आयोजन: छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी ‘उल्टी गिनती’ और गणितीय क्विज रखी गई, जिसमें शिक्षकों ने भी छात्रों की तरह पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
पुरस्कार वितरण: बेहतर प्रदर्शन करने वाले एकादश एवं द्वादश के सफल छात्र-छात्राओं को प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
निष्कर्ष
यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि छात्रों के भीतर छिपे ‘नन्हे रामानुजन’ को जगाने का एक प्रयास था। विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि वे रामानुजन के पदचिह्नों पर चलते हुए निरंतर अभ्यास और अनुसंधान की संस्कृति को जीवित रखेंगे।

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