न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को मुंगेर में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभियान 16 से 20 दिसंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।
मॉडल अस्पताल स्थित प्रसव केंद्र के समीप सिविल सर्जन डॉ. रामप्रवेश प्रसाद ने एक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मो. फैजउद्दीन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. फैजान आलम अशरफी, अस्पताल प्रबंधक मो. तौसिफ हसनैन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पड़ोसी देशों से बना हुआ है खतरा
सिविल सर्जन डॉ. प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, भले ही भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों जैसे अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए भारत में भी पोलियो का ख़तरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि इसी संभावित खतरे से देश को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर यह अभियान चलाता है। उन्होंने अभियान में लगी सभी स्वास्थ्य टीमों को सख्त निर्देश दिया कि घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
व्यापक स्तर पर तैयारी
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मो. फैजउद्दीन ने अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 1.80 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुल 670 टीमें गठित की हैं।
डोर-टू-डोर टीमें: 571 टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी।
ट्रांजिट टीमें: 65 टीमें ईंट-भट्ठों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे भीड़-भाड़ वाले और अस्थाई स्थानों पर बच्चों को खुराक देंगी।
अभियान की सतत और प्रभावी निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्थाएं जैसे यूनिसेफ अमित कुमार और यूएनडीपी सुधाकर कुमार के अधिकारी और कर्मी भी सक्रिय रूप से इसमें सहयोग कर रहे हैं। यह अभियान मुंगेर जिले के हर बच्चे के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और स्वास्थ्य विभाग सभी अभिभावकों से इसमें सहयोग करने की अपील करता है।



