न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में पूर्व रेलवे (ER) के मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाले जमालपुर लोको शेड ने एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। अपनी तकनीकी विरासत के लिए प्रसिद्ध जमालपुर शेड ने पहली बार देश के सबसे शक्तिशाली 12,000 हॉर्स पावर (HP) वाले WAG-12 विद्युत मालगाड़ी इंजन का सफलतापूर्वक ट्रिप निरीक्षण (TI) कर अपनी दक्षता का लोहा मनवाया है।
नेतृत्व और मार्गदर्शन
यह ऐतिहासिक उपलब्धि मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और जमालपुर के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डी), कृष्ण कुमार दास के प्रभावी नेतृत्व का परिणाम है। इस सफलता ने प्रमाणित कर दिया है कि मालदा मंडल न केवल पारंपरिक इंजनों, बल्कि भविष्य की अत्याधुनिक रेल तकनीकों के रखरखाव में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
तकनीकी चुनौती और सूझबूझ का परिचय
निरीक्षण के लिए लोको संख्या 65008 (WAG-12) को जमालपुर लोको शेड में लाया गया था। तकनीकी परीक्षण के दौरान टीम के सामने एक बड़ी चुनौती आई। लोको की ‘A’ यूनिट का इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक वेंट वाल्व (EBV) पूरी तरह जाम पाया गया, जिसके कारण ब्रेक पाइप (BP) प्रेशर नहीं बन पा रहा था। बिना पर्याप्त प्रेशर के, इतने विशालकाय और उच्च क्षमता वाले इंजन का परिचालन असंभव और असुरक्षित था।
सबसे विशेष बात यह रही कि जमालपुर शेड के तकनीकी कर्मचारियों के पास इस विशिष्ट श्रेणी के हाई-पावर लोकोमोटिव पर काम करने का पहले का कोई अनुभव नहीं था। इसके बावजूद, कर्मचारियों ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल खराबी की सटीक पहचान की, बल्कि उसे सफलतापूर्वक ठीक भी किया।
टीम भावना और पेशेवर उत्कृष्टता
सभी आवश्यक परीक्षणों और सफल मरम्मत के बाद, लोको को पूर्णतः ‘फिट’ घोषित कर सेवा के लिए रवाना किया गया। यह सफलता जमालपुर लोको शेड के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और ग्राउंड स्टाफ की टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और जटिल चुनौतियों को हल करने की उनकी क्षमता ने भारतीय रेल की परिचालन दक्षता को एक नई मजबूती प्रदान की है।
दूरगामी प्रभाव और भविष्य की राह
इस उपलब्धि के कई महत्वपूर्ण मायने हैं:
परिचालन विश्वसनीयता: इससे मालगाड़ियों के परिचालन में निरंतरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आत्मनिर्भरता: जमालपुर शेड अब उच्च क्षमता वाले आधुनिक लोकोमोटिव के अनुरक्षण हेतु आत्मनिर्भर बन गया है।
तकनीकी गौरव: यह उपलब्धि जमालपुर की पुरानी गौरवशाली तकनीकी छवि को आधुनिक युग में पुनः स्थापित करती है। यह कदम न केवल मालदा मंडल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भारतीय रेल के उच्च क्षमता वाले माल परिवहन (Heavy Haul Operations) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।



