न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जन-समस्याओं के त्वरित निष्पादन और प्रशासन की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से आज मुंगेर समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उप विकास आयुक्त (DDC) अजीत कुमार सिंह ने मोर्चा संभाला और जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 30 फरियादियों की समस्याओं को एक-एक कर सुना।

जनसमस्या सुनते उप विकास आयुक्त
आवास और जमीन विवाद के मामलों की रही प्रधानता
जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, दबंगों द्वारा अतिक्रमण और प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही देरी से संबंधित रहे।
आवास की गुहार: मय शंकरपुर की रेणू देवी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे वर्षों से टूटे-फूटे मकान में रहने को मजबूर हैं। कई बार आवेदन के बावजूद उन्हें अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला।
दबंगों का खौफ: हाट चौक हवेली खड़गपुर के रसिक लाल बिंद और महद्दीपुर के सोले मंडल ने दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने और रास्ता बाधित करने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, संग्रामपुर के सिकंदर सिंह ने अपनी रैयती जमीन पर पड़ोसियों द्वारा जबरन कब्जे का मुद्दा उठाया।
पारिवारिक कलह और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
सत्र के दौरान पारिवारिक विवाद के भी मार्मिक मामले सामने आए:
पूरबसराय की जैतुन खातुन ने अपने ही बच्चों पर मारपीट का आरोप लगाया।
बरियारपुर की आराधना कुमारी ने ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना की शिकायत की।
असरगंज के मो. एजाबुल ने पत्नी और ससुराल वालों पर मारपीट व लूटपाट का आरोप लगाकर न्याय की मांग की।
प्रशासनिक कड़ाई
सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राप्त आवेदनों की स्थलीय जांच कर अविलंब समुचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए।



