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मुंगेर-जमालपुर में प्यास पर प्रहार: डीएम का अल्टीमेटम, ‘हर घर पानी नहीं मिला तो खैर नहीं!’

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेरशहर की प्यास बुझाने में कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने नगर निगम मुंगेर और नगर परिषद जमालपुर में जलापूर्ति की बदहाली पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को समाहरणालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डीएम ने ‘बूडको’ (BUIDCO) की कार्यशैली पर जमकर क्लास लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों का दौर अब खत्म होना चाहिए।पटना की टीम के सामने डीएम के तल्ख तेवर
बैठक में पटना से आई बूडको की राज्य स्तरीय टीम मौजूद थी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आईना दिखाते हुए कहा कि आज भी कई वार्डों से शत-प्रतिशत पानी न मिलने की शिकायतें आ रही हैं, जो बेहद ‘खेद का विषय’ है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कागजी योजनाओं से ऊपर उठकर जमीन पर काम दिखना चाहिए।
‘डेडलाइन तय, लापरवाही पर नपेंगे अफसर’
जिलाधिकारी ने बूडको के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी कार्ययोजना बनाई गई है, उस पर तुरंत काम शुरू करें। उन्होंने नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित और बूडको के इंजीनियरों को निर्देश दिए कि मुंगेर और जमालपुर के हर घर में नल से जल पहुंचना सुनिश्चित हो। सभी वार्डों में जलापूर्ति की नियमित और समुचित व्यवस्था की जाए। जलापूर्ति की राह में आ रही तकनीकी बाधाओं को युद्ध स्तर पर दूर करें।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित और महापौर कुमकुम देवी भी मौजूद रहीं। महापौर ने भी शहर के विभिन्न मोहल्लों में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। बैठक में मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लें और रिपोर्ट सौंपें।
निष्कर्ष: जिलाधिकारी की इस आक्रामक पहल से अब उम्मीद जगी है कि मुंगेर और जमालपुर के उन घरों तक भी जल्द पानी पहुंचेगा, जो पिछले लंबे समय से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। प्रशासन के इस रुख से साफ है कि अब काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर गाज गिरना तय है।

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