न्यूज अंग दस्तक | जमालपुर, मुंगेर
मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 में एक सनसनीखेज फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तार सीधे बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर से जुड़े हुए हैं। मंगलवार को भोपाल साइबर थाना की विशेष पुलिस टीम ने ईस्ट कॉलोनी थाना, जमालपुर पहुंचकर इस संगठित गिरोह के संबंध में अहम जानकारी साझा की। यह गिरोह कथित तौर पर असली अभ्यर्थियों की जगह नकली अभ्यर्थियों (सॉल्वर) को परीक्षा दिलाकर उन्हें अच्छे अंकों से पास करा रहा था।

ईस्ट कॉलोनी थाना में बातचीत करते भोपाल साइबर थाना की विशेष पुलिस टीम
फिल्म ‘मुन्नाभाई’ की तर्ज पर धांधली
भोपाल साइबर थाना के एसआई मृत्युंजय गुप्ता ने इस पूरे मामले को फिल्म ‘मुन्नाभाई’ की स्क्रिप्ट जैसा बताया। गिरोह के सदस्य पहले असली आवेदक की जगह सॉल्वर को लिखित परीक्षा दिलवाते थे। एक बार जब परिणाम में चयन हो जाता था, तो ज्वाइनिंग के समय असली अभ्यर्थी को भेज दिया जाता था। इस धोखेबाजी से कई लोग पुलिस सिपाही बन भी गए थे। लेकिन, एक मामले में यह बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट ने खोला राज!
मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा 12 अगस्त से 12 सितंबर 2023 तक आयोजित हुई थी और अंतिम परिणाम 12 मार्च 2025 को घोषित हुआ था, जिसमें 7,090 युवाओं का चयन हुआ। इन्हीं चयनितों में मुरैना जिले का रामरूप गुर्जर भी था, जो अलीराजपुर एसपी कार्यालय में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा था। ज्वाइनिंग से ठीक पहले, जब रामरूप गुर्जर के आधार कार्ड की जांच हुई, तो अधिकारियों को संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि उसके आधार कार्ड में लिखित परीक्षा से पहले और बाद में संशोधन किया गया था। इसके अलावा, प्रवेश पत्र पर लगी फोटो भी संदिग्ध थी।
पुलिस की गहन जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब रामरूप गुर्जर के फिंगर प्रिंट का मिलान किया गया। चौंकाने वाली बात यह थी कि परीक्षा देने वाले व्यक्ति और ज्वाइनिंग के लिए आए व्यक्ति के फिंगर प्रिंट पूरी तरह अलग पाए गए! इसके बाद भोपाल साइबर थाना में कांड संख्या 74/25 दर्ज किया गया, जिसने पूरे रैकेट की पोल खोल दी।
बिहार के मुंगेर, पटना और जमुई में सक्रिय है गैंग
एसआई मृत्युंजय गुप्ता ने बताया कि इस केस में अब तक 40 से अधिक प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। जांच के दौरान पता चला है कि यह खतरनाक सॉल्वर गैंग मुख्य रूप से बिहार के पटना, मुंगेर जिले के जमालपुर (ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र), और जमुई में सक्रिय है। भोपाल पुलिस अब एक साथ इन सभी जिलों में छापेमारी कर रही है। ईस्ट कॉलोनी थाना पुलिस के सहयोग से जमालपुर में भी गिरोह से जुड़े एक आरोपी का पता लगाया गया है। पुलिस ने जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी और कार्रवाई की संभावना जताई है। इस बड़े खुलासे ने न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश की पुलिस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे लाखों ईमानदार युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।



