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मुंगेर के गौरव चंडिका स्थान का बदलेगा स्वरूप: प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने लिया विकास कार्यों का जायजा

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

बिहार की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के ऊर्जा और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सह जिले के प्रभारी सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को मुंगेर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को देखा और पर्यटन व श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उनके साथ प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे।

चंडिका स्थान का निरीक्षण करते प्रधान सचिव

आस्था और विकास का संगम
चंडिका स्थान, जिसे देश के प्रमुख 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, न केवल मुंगेर बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रत्यय अमृत ने मंदिर पहुँचकर सबसे पहले माँ चंडिका की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के पश्चात उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया।

कार्य योजना की जानकारी लेते प्रधान सचिव

बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया:
पेयजल और स्वच्छता: मंदिर परिसर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम को कड़े निर्देश दिए गए।
प्रकाश व्यवस्था: चंडिका स्थान की भव्यता को बढ़ाने के लिए परिसर में आधुनिक और आकर्षक लाइटिंग (विद्युत सज्जा) की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि रात्रि के समय भी मंदिर का दृश्य मनमोहक रहे।
सुरक्षा और सुगमता: गर्भगृह में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए कतार प्रबंधन प्रणाली (Queue Management) को और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
पर्यटन मानचित्र पर चंडिका स्थान
प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करते हुए कहा कि चंडिका स्थान में पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने मंदिर के समीप स्थित गंगा घाटों और पहुँच पथ (Approach Road) के सौंदर्यीकरण पर भी बल दिया। उनका विजन है कि चंडिका स्थान को एक ऐसे धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ आने वाले पर्यटक मुंगेर की ऐतिहासिक धरोहरों से भी रूबरू हो सकें।

कार्य स्थल का निरीक्षण करते प्रधान सचिव

स्थानीय प्रशासन को समय सीमा का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि विकास योजनाओं का खाका जल्द तैयार कर उसे धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता से समझौता न करने और समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी।

वीडियो देखें प्रधान सचिव ने क्या कहा

श्रद्धालुओं में खुशी की लहर
प्रधान सचिव के इस औचक निरीक्षण और सकारात्मक रुख से स्थानीय लोगों और मंदिर समिति के सदस्यों में भारी उत्साह है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि प्रत्यय अमृत जैसे कर्मठ अधिकारी की निगरानी में चंडिका स्थान का विकास अब तेज गति से होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष:
प्रत्यय अमृत का यह दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि यह मुंगेर की आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करने और उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का एक संकल्प है। आने वाले समय में माँ चंडिका का यह दरबार और भी भव्य और दिव्य नजर आएगा।

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