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मुंगेर केजिलाधिकारी ने सुनी जनता की शिकायत, दबंगों और लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज!

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

जनता की शिकायतों को अनसुना करना अब अधिकारियों को भारी पड़ने वाला है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर का कड़ा रुख देखने को मिला। जिले के विभिन्न कोनों से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे 33 लोगों की समस्याओं को सुनते ही जिलाधिकारी ने कड़े लहजे में संबंधित अधिकारियों को जांच और त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।

दबंगई और जमीन कब्जाने वालों की अब खैर नहीं
जनसुनवाई में जमीन से जुड़े विवादों और दबंगों के आतंक का बोलबाला रहा। हवेली खड़गपुर के घोड़ाखुर निवासी बन्नू हेम्ब्रम ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि उन्हें उनके ही मकान से जबरन बेदखल किया जा रहा है। वहीं, कासिम बाजार के कारेलाल पासवान ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की। पप्पू पासवान ने भी अपने गोतिया और पड़ोसियों द्वारा पुश्तैनी जमीन को बिना सहमति बेचने का गंभीर आरोप लगाया। इन मामलों पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी की मेहनत की कमाई पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विकास में धांधली और भ्रष्टाचार पर डीएम की पैनी नजर
सिर्फ जमीन ही नहीं, सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी गर्माया रहा। औड़ाबगीचा के अमन आर्यन ने पंचायत में बन रहे तटबंध निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानक के उल्लंघन की शिकायत की। डीएम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण की जांच और तत्काल रोक लगाने के संकेत दिए। वहीं, शिक्षा विभाग की लापरवाही का शिकार बनी चंदा कुमारी ने अपने बकाया एरियर के भुगतान की मांग की, जिस पर डीएम ने विभाग को जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।

अजीबोगरीब मामले और सामाजिक सुरक्षा
जनसुनवाई में कुछ अनोखे मामले भी सामने आए। संगम कुमार ने अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए पुलिसिया हस्तक्षेप की मांग की, तो मो. वसीम ने नीलगायों द्वारा फसल नष्ट किए जाने पर मुआवजे की गुहार लगाई। बरियारपुर की जानकी देवी ने पड़ोसियों द्वारा ‘डायन’ कहकर मारपीट करने की शिकायत कर सामाजिक कुरीतियों की ओर ध्यान खींचा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में कोताही बरतने वाले पदाधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया, जबकि बाकी आवेदनों को समय सीमा के भीतर निष्पादित करने के लिए अग्रसारित कर दिया गया है।

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