न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जिले में अनुकम्पा के आधार पर नौकरी का इंतजार कर रहे आश्रितों के लिए अच्छी खबर है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि फाइलों के फेर में अब किसी भी आश्रित का हक नहीं मारा जाएगा। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित अनुकम्पा समिति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सीधे निर्देश दिए कि वे प्रक्रिया में तेजी लाएं और लंबित मामलों का तत्काल निपटारा करें।
तीन आवेदनों को तत्काल मिली हरी झंडी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के विभिन्न विभागों से आए आवेदनों की गहन समीक्षा की। जांच के उपरांत तीन पात्र आवेदनों को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति दे दी गई। डीएम ने निर्देश दिया कि इन अभ्यर्थियों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र सौंपने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
त्रुटियों के नाम पर फाइलें लटकाने का खेल खत्म
जिलाधिकारी ने स्थापना उप समाहर्ता को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे लंबित पड़े सभी शेष आवेदनों की स्वयं जांच करें। उन्होंने कहा, “यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि है, तो उसे दबाकर बैठने के बजाय संबंधित आवेदक से सीधा संपर्क करें। आवेदक की मदद कर त्रुटि को दूर करवाएं और शुद्ध आवेदन प्राप्त करें, ताकि समय सीमा के भीतर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा सके।”
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
प्रशासनिक सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैठक में जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह समेत कई विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि अनुकम्पा नियुक्ति एक मानवीय पहलू है, इसमें देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य पात्र परिजनों को समय पर लाभ पहुंचाकर उन्हें संबल प्रदान करना है।



