न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
मुंगेर के इनडोर स्टेडियम में पिछले तीन दिनों से चल रही प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता 2025-26 शनिवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गई। 08 जनवरी से शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य मुंगेर प्रमंडल के किसानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और उद्यानिक फसलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें प्रेरित करना था। समापन समारोह की अध्यक्षता मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने की।

जिलाधिकारी द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन
पुरस्कार वितरण से पूर्व जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों द्वारा प्रदर्शित फल, सब्जी, शहद और फूलों की विविध किस्मों को बारीकी से देखा। इस दौरान उनके साथ अपर समाहर्ता मनोज कुमार और जिला उद्यान पदाधिकारी सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने किसानों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल किसानों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों को समझने का मंच भी मिलता है।

वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया और पुरस्कार वितरण
प्रदर्शनी में उत्कृष्ट उत्पादों का चयन बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर, भागलपुर से आए वैज्ञानिकों के एक विशेषज्ञ निर्णायक दल द्वारा किया गया। वैज्ञानिकों ने विभिन्न मानदंडों पर प्रदर्शों का मूल्यांकन किया, जिसके आधार पर:
प्रथम पुरस्कार: 45 प्रतिभागी
द्वितीय पुरस्कार: 44 प्रतिभागी
तृतीय पुरस्कार: 41 प्रतिभागी
प्रमंडल के सभी छह जिलों से आए किसानों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजेताओं में बेगूसराय के मनिअप्पा निवासी विनय कुमार (पिता स्व० रामसेवक कुवर) को शहद (वर्ग 4) में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, जमालपुर के ईटहरी निवासी सोनू कुमार को बंदागोभी (वर्ग 1, शाखा 2) के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

शुभ्रांश शेखर बने ‘श्रेष्ठ बागवान’
इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण शुभ्रांश शेखर रहे, जिन्होंने विभिन्न श्रेणियों में सर्वाधिक पुरस्कार जीतकर अपनी बागवानी कौशल का लोहा मनवाया। उन्हें जिलाधिकारी द्वारा विशेष रूप से ‘श्रेष्ठ बागवान’ के सम्मान से सम्मानित किया गया।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि किसानों और व्यवसायियों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीकी सत्रों के माध्यम से किसानों को उद्यान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और वैज्ञानिक पद्धतियों से अवगत कराया गया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
यह प्रदर्शनी क्षेत्र के किसानों के लिए ज्ञानवर्धन और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित हुई, जहाँ पारंपरिक खेती से हटकर उद्यानिकी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।



