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नियम ताक पर रखने वाले अस्पतालों की अब खैर नहीं: नेशनल अस्पताल मुंगेर का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की तैयारी, DM का कड़ा रुख

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

मुंगेर में अवैध और नियमों के विरुद्ध संचालित क्लिनिकल संस्थानों के खिलाफ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने कड़ा रुख अपना लिया है। समाहरणालय में आयोजित जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकार की उच्च स्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मानकों से समझौता करने वाले संस्थानों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

जांच में खुली नेशनल अस्पताल की पोल
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिसदस्यीय विशेष समिति ने पिछले दिनों मुंगेर स्थित नेशनल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। 16 दिसंबर 2025 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल अस्पताल प्रशासन उन बुनियादी शर्तों और मानकों का पालन करने में विफल रहा है, जिसके आधार पर उसे औपबंधिक रजिस्ट्रीकरण (Provisional Registration) दिया गया था। अस्पताल की कार्यप्रणाली ‘क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के प्रावधानों का खुला उल्लंघन पाई गई है।

DM का अल्टीमेटम: एक माह में जवाब दें या बंद करें दुकान
जिलाधिकारी सह अध्यक्ष जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकार ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके तहत नेशनल अस्पताल को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन से पूछा गया है कि क्यों न नियमों के उल्लंघन के आरोप में उनका रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाए?
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि:
अस्पताल को एक माह के भीतर ठोस साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखना होगा।
यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो जिला प्रशासन कठोर कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण स्थाई रूप से निरस्त कर देगा।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे संस्थानों पर गिरेगी गाज
बैठक में उन संस्थानों की भी समीक्षा की गई जो बिना पंजीकरण के या स्वीकृत प्रयोजन से हटकर काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि जिले में कोई भी नैदानिक संस्थान यदि विहित न्यूनतम मानकों का पालन नहीं करता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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