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मुंगेर में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू, जिलाधिकारी ने स्वयं दवा खाकर किया उद्घाटन

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

मुंगेर जिले को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ आज सदर अस्पताल में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (10-27 फरवरी) का विधिवत आगाज़ हुआ। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त और सिविल सर्जन ने स्वयं दवा का सेवन कर आम जन को सुरक्षा का संदेश दिया।

14 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले के लगभग 14 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 90% से अधिक लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। विशेष रूप से 11 फरवरी (बुधवार) को महा-अभियान चलाया जाएगा, जिसमें एक ही दिन में तीन लाख लोगों को कवर करने की योजना है।

सावधानी और खुराक की जानकारी
अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा उपलब्ध कराएंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है, जिससे हाथ-पांव और अंडकोष में गंभीर सूजन हो जाती है। दवा के सेवन हेतु निम्नलिखित मानक तय किए गए हैं:
किसे नहीं खानी है: 2 साल से कम के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमार व्यक्ति।
खुराक: 2-5 वर्ष के बच्चों को 1 DEC + 1 अल्बेंडाजोल; 6-14 वर्ष के बच्चों को 2 DEC + 1 अल्बेंडाजोल; और 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को 3 DEC + 1 अल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी।
विशेष निर्देश: दवा का सेवन कभी भी खाली पेट न करें, नाश्ता करने के बाद ही लें।

दुष्प्रभावों से न डरें
दवा के कार्य करने की प्रक्रिया पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह परजीवियों को मारती है, जिससे कभी-कभी सिरदर्द, उल्टी या चकत्ते जैसे मामूली लक्षण दिख सकते हैं। यह सामान्य है और स्वतः ठीक हो जाते हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ‘हाथीपांव’ के जोखिम से बचने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें और नि:संकोच दवा खाएं।

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