Homeक्राइमसदर अस्पताल में 'खून' की दलाली: प्लेटलेट्स के नाम पर गार्ड ने...

सदर अस्पताल में ‘खून’ की दलाली: प्लेटलेट्स के नाम पर गार्ड ने मरीज के परिजनों को लूटा; सिविल सर्जन के एक्शन पर सुपरवाइजर ने पीडित को पैसे लौटाए और गार्ड किया बर्खास्त

न्यूज अंग दस्तक| मुंगेर

सदर अस्पताल एक बार फिर भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के कारण सुर्खियों में है। यहाँ मानवता को ताक पर रखकर एक सुरक्षा गार्ड ने जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीज के परिजनों से प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध वसूली की। जब मामला तूल पकड़ने लगा तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आरोपी गार्ड को सेवा से मुक्त कर दिया गया और पीड़ित को उसके पैसे वापस दिलाए गए।

पीडित को रुपये लौटाते सुपरवाइजर

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के ब्लड बैंक के बाहर तैनात एक निजी एजेंसी के सुरक्षा गार्ड ने एक लाचार मरीज के परिजनों को अपना शिकार बनाया। मरीज को तत्काल प्लेटलेट्स की जरूरत थी, जिसका फायदा उठाते हुए गार्ड ने ‘ऊपर तक सेटिंग’ होने का झांसा दिया और 8000 रुपये ऐंठ ली। सरकारी अस्पताल, जहां सुविधाएं मुफ्त या न्यूनतम शुल्क पर मिलनी चाहिए, वहां गार्ड खुलेआम वसूली का खेल खेल रहा था।

पीडित को रुपये लौटाते सुपरवाइजर देखें वीडियो

कार्रवाई का ‘शॉर्टकट’ या असली इंसाफ?
जैसे ही मामला सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक के संज्ञान में आया, विभागीय लीपापोती की कोशिशें शुरू हुईं। हालांकि, साक्ष्यों के दबाव में प्रशासन को झुकना पड़ा।
गार्ड पर गिरी गाज: आरोपी गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उसे ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई है।
पैसे की वापसी: अस्पताल परिसर में ही पीड़ित परिजनों को बुलाकर उनसे ली गई अवैध राशि वापस कराई गई।
अंग दस्तक का सवाल: रक्षक ही भक्षक क्यों?
सदर अस्पताल में दलालों और भ्रष्ट कर्मियों का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे है कि उन्हें प्रशासन का डर नहीं? क्या एक गार्ड अकेले दम पर इतना बड़ा खेल खेल रहा था, या इसके पीछे ब्लड बैंक के कुछ अंदरूनी सफेदपोशों का भी हाथ है?
अधीक्षक का बयान: “भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। जैसे ही गार्ड द्वारा पैसे लेने की पुष्टि हुई, उसे हटा दिया गया है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा एजेंसी को कड़ी चेतावनी दी गई है।”
अस्पताल आने वाले मरीज सावधान रहें!
• किसी भी कर्मचारी को सीधे नकद न दें।
• ब्लड या प्लेटलेट्स के लिए केवल अधिकृत काउंटर पर संपर्क करें।
• कोई सुविधा न मिलने पर सीधे अधीक्षक कार्यालय में शिकायत करें।

RELATED ARTICLES

Most Popular