न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर गहन चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय निर्माण कार्यों में मानक की अनदेखी की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए और इसे मानक के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। जिन विद्यालयों के भवन निर्माण भूमि विवाद या उपलब्धता के कारण लंबित हैं, उनके लिए सभी डीपीओ को एक सप्ताह के भीतर प्रखंडवार भूमि चिन्हित कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। केंद्रीय विद्यालय हेतु भूमि की अद्यतन जानकारी सोमवार तक उपलब्ध कराने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया।
अपार कार्ड में मुंगेर की उपलब्धि
छात्र-छात्राओं के ‘अपार कार्ड’ (APAAR Card) निर्माण में मुंगेर जिला वर्तमान में पूरे राज्य में पाँचवें स्थान पर है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही विभाग को लक्ष्य दिया कि वे जिले को राज्य में प्रथम स्थान पर लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें।
प्रशासनिक मुस्तैदी और शिक्षक कल्याण
न्यायालय से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने एमजेसी (MJC) के शून्य लंबित मामलों पर खुशी जताई। वहीं, सीडब्लूजेसी (CWJC) के लंबित मामलों को एक सप्ताह के भीतर निष्पादित करने का अल्टीमेटम दिया। शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उनके लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
पीएम पोषण योजना पर जोर
मिड-डे मील (पीएम पोषण योजना) की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव सहित सभी डीपीओ और बीईओ उपस्थित थे।



