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मुंगेर गौशाला का होगा ‘कायाकल्प’: अब सिर्फ मवेशी घर नहीं, रोजगार और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा पूरबसराय

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

ऐतिहासिक मुंगेर की धरा पर अब गौ सेवा के साथ-साथ आधुनिकता और स्वरोजगार की नई इबारत लिखी जाने वाली है। पूरबसराय स्थित दशकों पुरानी गौशाला के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। शनिवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने लाव-लश्कर के साथ गौशाला का सघन निरीक्षण किया और इसे एक ‘मॉडल हब’ के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया।
जिलाधिकारी के इस दौरे के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में मुंगेर की गौशाला न केवल बेसहारा पशुओं का आश्रय बनेगी, बल्कि शहर के आकर्षण का मुख्य केंद्र और युवाओं के लिए रोजगार की खान भी साबित होगी।

एक छत के नीचे: मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और आधुनिक डेयरी
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशाला को पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकालकर एक ‘मल्टी-परपज एग्रो कॉम्प्लेक्स’ के रूप में विकसित किया जाए। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
आधुनिक गौशाला: आवारा पशुओं के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ नई नस्ल की गायों की खरीद कर वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन किया जाएगा।
ब्लू रिवोल्यूशन (मत्स्य पालन): परिसर के भीतर ही एक भव्य तालाब का निर्माण किया जाएगा, जहाँ व्यापारिक स्तर पर मछली पालन होगा।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग: तालाब के समीप ही उन्नत मुर्गी फार्म हाउस संचालित करने की योजना है, जिससे सरकारी राजस्व के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।

पर्यटन और रोजगार पर विशेष जोर
प्रशासन का लक्ष्य इसे केवल एक सरकारी परिसर तक सीमित रखना नहीं है। जिलाधिकारी ने इसे ‘इको-फ्रेंडली पिकनिक स्पॉट’ जैसा लुक देने का निर्देश दिया है। तालाब के चारों ओर आकर्षक पाथ-वे (पैदल पथ) बनाया जाएगा और रात के समय इसकी सुंदरता बिखेरने के लिए आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे शहरवासी शाम के समय यहाँ सुकून के पल बिता सकेंगे।
वहीं, आर्थिक रूप से इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्य सड़क पर स्थित पुरानी दुकानों को तोड़कर एक भव्य मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। यह कॉम्प्लेक्स न केवल शहर की रंगत बदलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा।
हमारा उद्देश्य गौशाला को एक नए और आकर्षक स्वरूप में मूर्त रूप देना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को शीघ्र डीपीआर (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। यह परियोजना मुंगेर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।” > — निखिल धनराज निप्पाणीकर, जिलाधिकारी, मुंगेर

प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुंगेर की महापौर कुमकुम देवी, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता और सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार अभिषेक सहित भवन निर्माण और अन्य तकनीकी विभागों के अभियंता मौजूद थे। सभी अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम शुरू करने और कागजी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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