न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जिले में बढ़ते शीतलहर के प्रकोप और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला दण्डाधिकारी सह जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
प्रमुख पाबंदियां और दिशा-निर्देश
बढ़ती ठंड के मद्देनजर जारी किए गए इस आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
कक्षा 10वीं तक पूर्ण अवकाश: जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी (निजी) विद्यालय और कोचिंग संस्थान 20 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे।
उच्च कक्षाओं के लिए समय में बदलाव: कक्षा 11वीं और उससे ऊपर की कक्षाएं पूरी सावधानी के साथ संचालित की जा सकेंगी, लेकिन इनके लिए समय सीमा सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित की गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों का नया शेड्यूल: जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच खुलेंगे। इस दौरान केवल नामांकित बच्चों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन की चेतावनी: कोताही पड़ सकती है भारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश बच्चों को ठंड के जानलेवा प्रभाव से बचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों और कोचिंग संचालकों को हिदायत दी है कि इस सरकारी आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। “ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि कोई भी संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
अभिभावकों के लिए एहतियाती सुझाव
प्रशासन ने आम जनमानस और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़ों का प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से उन्हें सुबह या देर शाम घर से बाहर न निकलने दें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि ठंड के कारण होने वाली संभावित बीमारियों और परेशानियों से बचा जा सके।



