न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
बिहार में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले माफियाओं के खिलाफ मुंगेर न्यायपालिका ने एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। वर्षों पुराने शराब तस्करी के एक मामले में सुनवाई करते हुए माननीय विशेष न्यायाधीश (उत्पाद द्वितीय) नितेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को दो कुख्यात शराब तस्कर लालू यादव और पिंटू कुमार पासवान को दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।

क्या था पूरा मामला?
घटना 9 सितंबर 2021 की है, जब गुप्त सूचना के आधार पर कोतवाली थाना के तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक राकेश रंजन झा ने बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने शीतला मंदिर के पास एक मालढोवा टेम्पू (रजिस्ट्रेशन नंबर- BR08G5265) को घेराबंदी कर पकड़ा था। जब इस वाहन की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
सफेद रंग के 10 बोरों में बड़ी चालाकी से छिपाकर रखी गई 1500 बोतलें ‘कैप्टन 60’ देशी शराब बरामद की गई थी। कुल 450 लीटर शराब की इस खेप के साथ पुलिस ने मौके से लालदरवाजा निवासी लालू यादव और छोटी केलावाड़ी निवासी पिंटू कुमार पासवान को गिरफ्तार किया था।

कानून का शिकंजा: 5 साल बाद मिला इंसाफ
इस मामले में कोतवाली थाना कांड संख्या 402/2021 दर्ज किया गया था। विशेष लोक अभियोजक (उत्पाद) पीयूष कुमार और अपर विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह ने कोर्ट में अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा। ठोस गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि दोनों आरोपियों ने बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद संशोधित अधिनियम की धारा 30(a) का उल्लंघन किया है।
“समाज को खोखला करने वाले इन तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।” — पीयूष कुमार, विशेष लोक अभियोजक

सजा का ऐलान 2 फरवरी को
अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अब सबकी निगाहें सजा की बिंदु पर होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। कोर्ट ने इसके लिए 02 फरवरी 2026 की तारीख मुकर्रर की है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी के लिए दोषियों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा मिल सकती है। मुंगेर पुलिस और अभियोजन पक्ष की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि बिहार में शराब के अवैध कारोबार में शामिल लोगों का अंजाम सिर्फ और सिर्फ जेल की कालकोठरी होगी।



