न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में आज भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस विशेष अवसर पर विद्यालय में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ, जिसमें मातृ शक्ति की महत्ता पर बल दिया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जय किशोर पाठक, प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ प्रभारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
महापुरुषों के आदर्शों का स्मरण
प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने अटल जी को ‘युगद्रष्टा’ और मालवीय जी को ‘शिक्षा का शिल्पकार’ बताते हुए कहा कि राष्ट्रहित और चरित्र निर्माण ही इन विभूतियों का असली संदेश है। मुख्य अतिथि जय किशोर पाठक ने उनके दिखाए सुशासन और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह ने अटल जी के सामरिक योगदान (पोखरण) और बुनियादी ढांचे (स्वर्णिम चतुर्भुज) के विकास को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. काशीनाथ मिश्र ने अटल जी की कविताओं और उनके राष्ट्रप्रेम को आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
नारी शक्ति का संगम: ‘सप्तशक्ति’
विद्यालय स्तरीय ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:
मातृ शक्ति की भूमिका: डॉ. कंचन कुमारी ने कहा कि माँ द्वारा दिया गया व्यावहारिक ज्ञान ही बच्चों में आत्मविश्वास और सहानुभूति के गुण विकसित करता है।
संस्कार और संस्कृति: प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी ने महिलाओं से बच्चों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप संस्कारवान बनाने का आह्वान किया।
विविध गतिविधियाँ: शिक्षिका संगीता सहाय ने कुटुम्ब प्रबोधन, शिवांगी ने प्रेरणादायी महिलाओं की वेशभूषा और सुरीति राज ने राष्ट्र विकास में महिलाओं के योगदान पर विचार रखे।
सम्मान एवं प्रतियोगिता: लया सिन्हा द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी में माताओं ने उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में रुक्मिणी देवी को ‘विशिष्ट माता’ के सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम का समापन सुवर्णा घोष के नवयुग गीतों और सुजीता कुमारी द्वारा दिलाए गए संकल्प के साथ हुआ। शिक्षिका पाणिनी मिश्रा ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।



