न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
मुंगेर समाहरणालय के संवाद कक्ष में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी निखिल धनराज ने जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़े तेवर दिखाए। ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस जन सुनवाई में जिले के विभिन्न कोनों से पहुंचे 37 फरियादियों ने भ्रष्टाचार, अकर्मण्यता और ज़मीनी विवादों की ऐसी कहानियां सुनाईं, जिसने प्रशासन की सुस्त रफ़्तार की पोल खोल दी।

जन सुनवाई करते डीएम
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर DM की पैनी नज़र
जन सुनवाई के दौरान सबसे गंभीर मामले राजस्व और अंचल कार्यालयों से जुड़े रहे। जिलाधिकारी के सामने जब लौना तारापुर के सुदीन मांझी और तेलियाडीह के मनोज कुमार ने अंचल अधिकारियों (CO) द्वारा जमाबंदी में धांधली और गलत नाम चढ़ाने की शिकायत की, तो माहौल गरमा गया। वहीं, वासुदेवपुर के विनोद कुमार ने सदर अंचल कार्यालय के कर्मियों पर ‘परिमार्जन’ के काम में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट लहजे में कहा कि जनता के जायज कामों को लटकाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अविलंब जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

जन सुनवाई करते डीएम
जब छलका एंबुलेंस मालिक का दर्द
सुनवाई में एक भावुक कर देने वाला मामला ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से जुड़ा आया। खड़गपुर के अरविंद कुमार साह ने बताया कि उन्होंने जन सेवा के लिए एंबुलेंस खरीदी थी, जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रही थी। लेकिन पिछले आठ महीनों से परिचालन बंद है, जिसके कारण वह बैंक की किश्त तक नहीं चुका पा रहे हैं। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) से फोन पर बात की और इस समस्या का तुरंत समाधान करने का आदेश दिया।

जन सुनवाई करते डीएम
प्रमुख शिकायतें जो सुर्खियों में रहीं:
दबंगई: बरियारपुर की रिंकी कुमारी और बेकापुर के विनोद सिंह ने पड़ोसियों द्वारा जमीन कब्जाने की गुहार लगाई।
पारिवारिक हिंसा: मो. एजावुल ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया।
सामाजिक सुरक्षा: कासिम बाजार के संजीव मंडल ने दिव्यांग पेंशन की मांग की, जिसे लेकर DM ने त्वरित निर्देश जारी किए।

जन सुनवाई करते डीएम
अधिकारियों को ‘अल्टीमेटम’: दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें
जिलाधिकारी निखिल धनराज ने केवल समस्याओं को सुना ही नहीं, बल्कि जिले के सभी पदाधिकारियों के लिए ‘डेडलाइन’ भी तय कर दी। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने स्तर पर सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जन सुनवाई करेंगे। केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि की गई कार्रवाई की ‘अपडेटेड रिपोर्ट’ भी मुख्यालय को भेजनी होगी। जमीनी विवाद और पेंशन जैसे मामलों में हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



