न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
अवैध शराब के धंधेबाजों के खिलाफ बिहार की कानून व्यवस्था ने एक बार फिर अपना सख्त तेवर दिखाया है। मुंगेर जिले की एक अदालत ने शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने वाले एक अपराधी को ऐसी सजा सुनाई है, जिससे जिले के माफियाओं में हड़कंप मच गया है। माननीय विशेष न्यायाधीश (उत्पाद प्रथम), मुंगेर ने शराब तस्करी के आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 5 साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2021 का है। जमालपुर थाना कांड संख्या-154/2021 के तहत पुलिस ने आरोपी संतोष कुमार (पिता- अरविंद बिन्द) को गिरफ्तार किया था। संतोष जमालपुर के सदर बाज़ार, गली नंबर-02, मोहनपुर का निवासी है। उस पर उत्पाद संशोधन अधिनियम-2018 की धारा-30(ए) और 32 के तहत आरोप दर्ज किए गए थे।
अगस्त 2021 में दर्ज हुए इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अदालत में साक्ष्य पेश किए। आज दिनांक 23.12.2025 को माननीय न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया।
कठोर सजा और भारी जुर्माना
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि समाज में जहर घोलने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
सश्रम कारावास: दोषी संतोष कुमार को 05 वर्ष की कठिन जेल की सजा भुगतनी होगी।
आर्थिक दंड: दोषी पर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का जुर्माना भी लगाया गया है।
कड़ा संदेश: इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी कानून को हल्का समझने वालों का अंजाम बुरा होगा।
अपराधियों में दहशत का माहौल
मुंगेर पुलिस की सक्रियता और अदालत के इस त्वरित न्याय ने शराब तस्करी में लिप्त गिरोहों की कमर तोड़ दी है। जमालपुर क्षेत्र में इस फैसले की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे कड़े फैसलों से ही अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लग सकेगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जो कोई भी कानून को हाथ में लेगा, उसे इसी तरह की कठोर सजा दिलवाई जाएगी।



