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हेल्लो फरमाइश की ‘अमर आवाज’ को लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने पत्तों पर उकेरी श्रद्धांजलि

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
आकाशवाणी भागलपुर के सुप्रसिद्ध उद्घोषक और ‘हेल्लो फरमाइश’ के जरिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाले डॉ. विजय कुमार मिश्रा (बिरजू भैया) के निधन से पूरे अंग क्षेत्र में शोक की लहर है। इस दुखद घड़ी में विश्वविख्यात लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कला के जरिए उन्हें एक बेहद भावुक और अनोखी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मधुरेंद्र ने पीपल के हरे पत्ते पर बिरजू भैया की अत्यंत सूक्ष्म और जीवंत आकृति उकेरी है। लगभग पांच घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार इस कलाकृति पर उन्होंने भारी मन से लिखा— “हेल्लो फरमाइश, अलविदा बिरजू भैया।”

यादों के झरोखे से: जब पहली बार सुना जादू
अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए मधुरेंद्र ने बताया कि फरवरी 2025 में जब वे भागलपुर के अंगिका महोत्सव में शामिल हुए थे, तब मुक्ताकाश मंच से बिरजू भैया की आवाज सुनकर वे दंग रह गए थे। मधुरेंद्र कहते हैं, “बचपन में रेडियो पर जिस आवाज को सुना करता था, उसे साक्षात सुनना किसी सपने जैसा था। उनकी आवाज में अंगिका माटी की सोंधी खुशबू और अपार स्नेह था। आज वह आवाज खामोश हो गई, लेकिन उसकी गूंज हमेशा हमारे दिलों में रहेगी।”
सांस्कृतिक क्षति: एक युग का अंत
डॉ. विजय कुमार मिश्रा केवल एक उद्घोषक नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की संस्कृति और पहचान के संवाहक थे। उनका लोकप्रिय कार्यक्रम ‘हेल्लो फरमाइश’ हर शनिवार दोपहर 1:30 बजे श्रोताओं के जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया था। मधुरेंद्र द्वारा बनाई गई यह लीफ आर्ट न केवल एक कलाकार की श्रद्धांजलि है, बल्कि उस महान आवाज के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक भी है जिसने दशकों तक समाज को जोड़े रखा।
बता दें कि मधुरेंद्र इससे पूर्व कर्णगढ़ में दानवीर कर्ण की विशाल बालू की आकृति बनाकर भी चर्चा में रहे थे, जहाँ बिरजू भैया ने उनकी कला की मुक्तकंठ से सराहना की थी। आज अंग समाज ने अपनी पहचान की एक अनमोल धरोहर खो दी है।

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