न्यूज़ अंग दस्तक |मुंगेर
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आज कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), मुंगेर के परिसर में भव्य ‘किसान दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और स्वागत
समारोह की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान मुकेश कुमार और अन्य वैज्ञानिकों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। केंद्र की ओर से दूर-दराज से आए सैकड़ों पुरुष एवं महिला किसानों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार की ‘विकसित भारत’ मुहिम के तहत विभिन्न जनकल्याणकारी बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जो किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं:
रोजगार एवं मानदेय: 125 दिन की रोजगार गारंटी और समय पर मजदूरी का भुगतान।
सुरक्षा तंत्र: मजदूरी में देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान और बेरोजगारी भत्ते के बेहतर विकल्प।
ग्राम विकास: ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP)’ के तहत सभी योजनाओं का बेहतर तालमेल।
तकनीकी सशक्तिकरण: तकनीक के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाना।
केंद्रीय कृषि मंत्री का संबोधन
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कृषकों का अभिनंदन करते हुए उन्हें विभिन्न लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रगतिशील किसानों का सम्मान
खेती-किसानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के पाँच प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इन्हें गुलदस्ता, अंगवस्त्र और सम्मान पत्र भेंट किए गए। सम्मानित होने वाले किसानों में शामिल हैं:
अंजनी कुमार (ग्राम- फरदा)
विजय कुमार (ग्राम- मीरपुर)
सालमी हेम्ब्रम (ग्राम- हरकुंडा)
मुरारी मिश्रा (ग्राम- फरदा)
राधा देवी (ग्राम- खैरा बिहारी)
किसान गोष्ठी और समाधान
कार्यक्रम के समापन सत्र में एक ‘कृषक गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. विनोद कुमार, डॉ. बी.डी. सिंह और इंजीनियर अशोक कुमार जैसे विशेषज्ञों ने किसानों द्वारा पूछे गए समसामयिक खेती और पशुपालन से जुड़े सवालों के वैज्ञानिक समाधान बताए। कड़ाके की ठंड के बावजूद लगभग 250 किसानों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिनमें महिला किसानों की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही। अंत में सहायक कौशल किशोर चौधरी द्वारा सभी आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



