न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध कारोबार के एक ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जिसके तार उड़ीसा तक फैले थे। नयागांव इलाके में चल रहे इस अवैध धंधे पर प्रहार करते हुए पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में नकली सिगरेट बनाने का सामान बरामद किया, बल्कि 85.50 लाख रुपये नकद और हथियारों का जखीरा भी जब्त किया है।

प्रेस वार्ता करते एसपी व आरोप के साथ पुलिस पदाधिकारी
गुप्त सूचना पर आधी रात को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद को गुप्त सूचना मिली थी कि नयागांव निवासी मोहम्मद तौफीक और मोहम्मद अकबर के घर की चहारदीवारी के भीतर अवैध सिगरेट निर्माण और हथियारों की तस्करी का खेल चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ अभिषेक के नेतृत्व में डीआईयू और बासुदेवपुर थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब तौफीक के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
बरामद हथियार व अवैध सामग्री
मशीनें, बारूद और नोटों की गड्डियां
तलाशी के दौरान घर और गोदाम से पुलिस ने निम्नलिखित बरामदगी की:
नकदी: अवैध कारोबार से कमाई गई 85 लाख 50 हजार रुपये की नकदी।
अवैध हथियार: 4 देसी कट्टे और 20 राउंड जिंदा कारतूस।
सिगरेट सामग्री: 3800 खाली पैकेट, पैकिंग के 900 विशेष कागज, 17 रोल और भारी मात्रा में अन्य कच्चा माल।
ITC के ‘वेस्ट’ से बनता था ‘ब्रांडेड’ जहर
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी आईटीसी (ITC) कंपनी से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल (कचरे) को अवैध तरीके से खरीदते थे। इसके बाद उसे प्रोसेस कर नकली ब्रांडेड सिगरेट तैयार की जाती थी। यह गिरोह मुंगेर और भागलपुर से लेकर उड़ीसा तक अपना माल सप्लाई करता था।
“बख्शे नहीं जाएंगे मास्टरमाइंड”
मामले की पुष्टि करते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा, “यह एक संगठित गिरोह है जो आर्थिक अपराध के साथ-साथ इलाके में दहशत फैलाने के लिए हथियार भी रखता था। जब्त कैश अवैध व्यापार का हिस्सा है। नेटवर्क में शामिल अन्य सफेदपोशों और अपराधियों की पहचान कर ली गई है, जल्द ही सबकी गिरफ्तारी होगी।”
फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आईटीसी का वेस्ट मटेरियल इन तक कैसे पहुंचता था और इस सिंडिकेट में कौन-कौन से बड़े खिलाड़ी शामिल हैं।



