न्यूज अंग दस्तक | जमालपुर (मुंगेर)
शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इसे चरितार्थ करने वाले कन्या मध्य विद्यालय, महमदा के ख्यातिलब्ध शिक्षक राजेश कुमार शर्मा को एक भव्य और भावुक समारोह में सेवा-अवकाश पर विदाई दी गई। उनके सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और शिक्षक समुदाय ने अपनी उपस्थिति से उनके प्रति अगाध प्रेम और सम्मान प्रकट किया।
छात्रों की सजल आँखें और मधुर विदाई गीत
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब छात्र-छात्राओं ने मिलकर ‘आई विल मिस यू सर’ शीर्षक वाला गीत गाया। इस विदाई गीत की धुनों के बीच श्री शर्मा ने केक काटा। विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक को यादों के रूप में विभिन्न उपहार भेंट किए।
कक्षा की मेधावी छात्रा ज्योति कुमारी ‘जुली’ ने रुंधे गले से कहा, “सर गणित और विज्ञान जैसे जटिल विषयों को इतने रोचक और सरल तरीके से समझाते थे कि वे बोझ नहीं, बल्कि खेल लगने लगते थे। स्कूल में अब उनकी कमी हमें बहुत खलेगी।”
सहकर्मियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री अलख निरंजन कुशवाहा ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें अनुशासन और समर्पण का प्रतीक बताया। इस अवसर पर शिक्षक श्री ब्रजेश कुमार, दिलीप कुमार, राकेश कुमार और आसिफ अहमद ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि श्री शर्मा का जाना विद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके द्वारा जलाई गई ज्ञान की ज्योति पीढ़ियों को मार्ग दिखाएगी।
एक युग का अंत
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने भी उनके मिलनसार स्वभाव और शिक्षा के प्रति उनके जुनून की प्रशंसा की। पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक अंत नहीं, बल्कि एक ऐसे शिक्षक के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन था जिसने हजारों भविष्य संवारे।



