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मुंगेर में ‘मौत की फैक्ट्री’ का भंडाफोड़: STF और पुलिस का दियारा में भीषण प्रहार, मिनी गन फैक्ट्री जमींदोज

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

बिहार का मुंगेर एक बार फिर अवैध हथियारों के काले कारोबार को लेकर दहल उठा है। लेकिन इस बार पुलिस की मुस्तैदी ने अपराधियों के मंसूबों को राख में मिला दिया है। मुंगेर पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने तारापुर दियारा के दुर्गम इलाके में चल रही एक ‘मिनी गन फैक्ट्री’ का सफल उद्भेदन करते हुए मौत के सौदागरों को दबोच लिया है।

प्रेस कांफ्रेंस करते एसपी

आधी रात को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
गुप्त सूचना मिलते ही मुंगेर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस और STF की टीम ने जब तारापुर दियारा में घेराबंदी की, तो वहां का नजारा देख सुरक्षाबल भी दंग रह गए। घने अंधेरे और दुर्गम रास्तों के बीच अपराधी बेखौफ होकर घातक हथियारों को अंतिम रूप दे रहे थे। जैसे ही पुलिस की आहट हुई, अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा।

गिरफ्तार आरोपी

हथियारों का जखीरा बरामद
मौके से पुलिस ने जो बरामद किया, वह चौंकाने वाला है। पुलिस ने वहां से 02 देशी पिस्टल, 02 मैगजीन, 04 जिंदा कारतूस के साथ-साथ भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने के आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामानों की सूची लंबी है:
7 बेस मशीन (लकड़ी फ्रेम वाली)
2 ड्रिल मशीन
भारी संख्या में रेती, छेनी, हथौड़ी और अन्य औजार।

सुनिए एसपी ने क्या कहा

गिरफ्तार हुए ‘मौत के सौदागर’
पकड़े गए अपराधियों की पहचान छबीला सिंह, सौरभ कुमार और सिन्टु कुमार मंडल के रूप में हुई है। पुलिसिया जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी सौरभ कुमार और सिन्टु कुमार पहले भी आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं।
पुलिस का अल्टीमेटम: “पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे”
इस सफल कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि मुंगेर पुलिस अब अपराधियों को संभलने का एक भी मौका नहीं देगी। मुफस्सिल थाना कांड संख्या-465/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध हथियारों के सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंकने तक यह अभियान थमेगा नहीं।

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