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भ्रष्टाचार पर भड़के डीएम: मुंगेर में ‘जीरो टॉलरेंस’ का हथौड़ा, राजस्व कर्मचारी निलंबित, अधिकारियों में हड़कंप!

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंगेर जिलाधिकारी (DM) निखिल धनराज निप्पाणीकर का रौद्र रूप सामने आया है। ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जमीन पर उतारते हुए जिलाधिकारी ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करने के आरोप में सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO) समेत चार अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर शासन में हड़कंप मचा दिया है।
दस्तावेजों में हेराफेरी पड़ी महंगी
मामला सदर अंचल की जमाबंदी पंजी-2 से जुड़ा है। जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि राजस्व कर्मचारी मो. रजत द्वारा सरकारी दस्तावेजों और जमाबंदी पंजी में अवैध तरीके से छेड़छाड़ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने फौरन जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए और यह स्पष्ट हुआ कि मो. रजत ने पद का दुरुपयोग करते हुए रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया है।
बख्शे नहीं जाएंगे लापरवाह अधिकारी
जिलाधिकारी का एक्शन केवल निलंबन तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही की जड़ तक पहुँचने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में संलिप्तता और निगरानी में कमी को देखते हुए:
प्रीति कुमारी (तत्कालीन अंचलाधिकारी)
प्रभात कुमार (वर्तमान राजस्व अधिकारी)
रंजीत कुमार (राजस्व कर्मचारी)
सतीश कुमार आर्य (राजस्व कर्मचारी)
इन चारों से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है। डीएम के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के हक और सरकारी रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर हो, बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिला प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में है। भ्रष्टाचार और कार्य में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य विभागों और अंचल कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।

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