न्यूज अंग दस्तक | नेशनल डेस्क
भारत ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighboring First) नीति को दोहराते हुए श्रीलंका की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भीषण चक्रवात ‘दितवा’ (Cyclone Ditwah) से मची तबाही के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज कोलंबो पहुंचे हैं। वह प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ का नेतृत्व कर रहे हैं। श्रीलंका में आए इस चक्रवात ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
भारत की सहायता सामग्री:
भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के तहत जहाजों और विमानों के जरिए दवाएं, पोर्टेबल अस्पताल, पीने का पानी और खाद्य सामग्री भेजी है। भारतीय नौसेना के जहाज राहत सामग्री के साथ श्रीलंका के बंदरगाहों पर लंगर डाल चुके हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया कि “संकट की इस घड़ी में भारत अपने श्रीलंकाई भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़ा है।”
राजनीतिक महत्व:
यह दौरा न केवल मानवीय आधार पर महत्वपूर्ण है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को भी मजबूत करता है। जयशंकर श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पुनर्निर्माण कार्यों में भारत के और सहयोग पर चर्चा करेंगे। यह कदम चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



