न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जिला स्वास्थ्य समिति के प्रयासों से जिले में शिशु स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में सोमवार को एक और सशक्त अध्याय जुड़ गया। जिला स्वास्थ्य सोसायटी के सभागार में ‘HBYC’ (छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल) कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ रामप्रवेश प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मोहम्मद फैजान आलम अंसारी और जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते अधिकारी
इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य नवजातों के साथ-साथ छोटे बच्चों (Young Child) के शारीरिक और मानसिक विकास की निरंतर निगरानी करना है। अब तक ‘आशा’ कार्यकर्ताओं द्वारा ‘HBNC’ कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं के जन्म के 42 दिनों के भीतर 6 से 7 बार गृह भ्रमण (Home Visit) किया जाता था। लेकिन HBYC की शुरुआत के साथ अब बच्चों की निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते अधिकारी
कब-कब होगा गृह भ्रमण?
इस योजना के तहत आशा कार्यकर्ता अब 15 माह तक बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगी। HBNC के बाद, HBYC के अंतर्गत कुल पाँच अतिरिक्त गृह भ्रमण निर्धारित किए गए हैं:
पहला भ्रमण: 3 माह पर
दूसरा भ्रमण: 6 माह पर
तीसरा भ्रमण: 9 माह पर
चौथा भ्रमण: 12 माह पर
पांचवां भ्रमण: 15 माह पर
इन मुलाकातों के दौरान आशा कार्यकर्ता न केवल बच्चों के वजन और पोषण की जाँच करेंगी, बल्कि उनके समग्र विकास (Growth Monitoring) का भी आकलन करेंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से कुपोषण को रोकने और बाल मृत्यु दर में कमी लाने में बड़ी मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम सुदूर क्षेत्रों में पल रहे बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।



