न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने तथा पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद द्वारा हेमजापुर थाना का व्यापक निरीक्षण और जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली को परखा, बल्कि सीधे आम जनमानस से रूबरू होकर उनकी शिकायतों का निपटारा भी किया।
जनता दरबार: मौके पर ही समाधान के निर्देश
थाना परिसर में आयोजित ‘जनता दरबार’ में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की बातों को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। प्राप्त आवेदनों के अवलोकन के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों में वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस के पास आने वाला हर व्यक्ति न्याय की उम्मीद लेकर आता है, इसलिए आवेदन पत्रों का त्वरित समाधान (Speedy Redressal) करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि मामलों को लंबित न रखें और पीड़ित को बार-बार थाने के चक्कर न काटने पड़ें।
वार्षिक निरीक्षण: आधुनिक तकनीक और संसाधनों पर जोर
जनसुनवाई के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने हेमजापुर थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान थाने के विभिन्न अभिलेखों, सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
डायल-112 की समीक्षा: आपातकालीन सेवा ‘डायल-112’ के रिस्पांस टाइम और इसकी प्रभावशीलता की समीक्षा की गई ताकि संकट के समय नागरिकों को तत्काल मदद मिल सके।
CCTNS प्रणाली: सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) पर डेटा एंट्री और ऑनलाइन कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में तकनीक का बेहतर उपयोग हो सके।
वाहनों का रखरखाव: गश्ती और अन्य कार्यों में उपयोग होने वाले वाहनों की गुणवत्ता और उनकी कार्यप्रणाली को जांचा गया।
सुरक्षा और सेवा का संकल्प
निरीक्षण के अंत में पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने क्षेत्र में गश्ती तेज करने, अपराधियों पर नकेल कसने और आम नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस आयोजन से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव जागा है और पुलिस की कार्यशैली के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है।



