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मुंगेर की धरती पर ‘बंदूक का नहीं, ‘कानून का राज’: हत्यारों को मिली कड़ी सजा, 5 को आजीवन कारावास! 5000-5000 रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह समझने वालों के लिए सोमवार का दिन काल बनकर आया। बिहार के मुंगेर में न्याय के मंदिर ने वह फैसला सुनाया है, जिससे अपराधियों की रूह कांप जाएगी। साल 2022 के एक जघन्य हत्याकांड में संलिप्त पाँच दरिंदों को अदालत ने उनके किए की ऐसी सजा दी है कि अब उनकी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ते हुए गुजरेगी।

न्याय की गूँज: अब जेल की चहारदीवारी ही होगा ठिकाना
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-IV, मुंगेर की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मफसिल थाना कांड संख्या-399/22 के पाँचों आरोपियों को धारा 302 (हत्या) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। कोर्ट ने रहम की हर गुंजाइश को दरकिनार करते हुए इन पाँचों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और 5000-5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इन ‘दरिंदों’ के नाम से थर्राया था इलाका
जिन अपराधियों को सोमवार को जेल की कालकोठरी में भेजा गया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:
मो. खुर्शीद (पिता: अलाउद्दीन उर्फ गुलुल)
मो. सिकंदर (पिता: अलाउद्दीन उर्फ गुलुल)
मो. भोलू (पिता: मो. जामिल)
मो. जामिल (पिता: डोमन मियां)
मो. मुन्ना उर्फ साबिर (पिता: कुशमान)
ये सभी अपराधी मुंगेर जिले के पूरबसराय थाना अंतर्गत मिन्नतनगर के रहने वाले हैं। 02 नवंबर 2022 को इन्होंने कानून को ठेंगा दिखाते हुए जिस वारदात को अंजाम दिया था, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
पुलिस और अभियोजन की बड़ी जीत
इस फैसले के बाद समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से नहीं बच सकता। स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे पीड़ित परिवार के लिए सच्ची जीत बताया है। कोर्ट के इस कड़े रुख से साफ़ है कि अब मुंगेर की धरती पर ‘बंदूक का राज’ नहीं, बल्कि ‘कानून का राज’ चलेगा।

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