न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो शरीर से विदा लेकर भी अपने कर्मों, संस्कारों और स्मृतियों के जरिए समाज के बीच सदैव जीवित रहते हैं। मुंगेर की माटी के ऐसे ही एक अनमोल रत्न, स्वर्गीय गोपाल गुप्ता जी की स्मृति में ‘मुंगेर सेवा मंच’ द्वारा स्थानीय होटल हरी इंटरनेशनल में एक भव्य एवं अत्यंत भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा एक ऐसे कर्मयोगी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का क्षण था, जिसने अभावों से लड़कर स्वाभिमान और सेवा का एक नया प्रतिमान स्थापित किया।
शून्य से शिखर तक का प्रेरणादायी सफर
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने गोपाल बाबू के जीवन के पन्नों को पलटते हुए बताया कि कैसे उन्होंने मात्र 200 रुपये की नौकरी से अपने सफर की शुरुआत की थी। कठिन परिश्रम, अडिग ईमानदारी और उच्च संस्कारों के बल पर उन्होंने न केवल अपने परिवार को प्रतिष्ठित मुकाम तक पहुँचाया, बल्कि समाज के लिए भी एक मार्गदर्शक बने। पांच भाषाओं के ज्ञाता गोपाल जी न केवल एक सफल व्यक्तित्व थे, बल्कि एक सच्चे संगीत एवं खेल प्रेमी भी थे।
स्वर लहरियों से दी गई भावपूर्ण विदाई
इस अवसर पर वातावरण तब अत्यंत संवेदनशील और मार्मिक हो गया, जब विनोद राठौड़ और निर्मल सक्सेना ने अपनी सुमधुर आवाज में संगीत के माध्यम से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। भजनों और गीतों की उन स्वर लहरियों ने उपस्थित जनसमूह की आँखों को नम कर दिया। अपने पिता को याद करते हुए उनके पुत्र रवि गुप्ता भावुक हो उठे और उन्होंने मुंगेर सेवा मंच के प्रति इस गरिमामयी आयोजन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
स्वर्गीय गोपाल गुप्ता जी के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए शहर की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से: मंच अध्यक्ष संजय कुमार बबलू, निर्मल जैन, भावेश जैन, शिव शंकर प्रसाद, रवि शंकर पांडे, अजयदीप, शंकर दत्त, विशाल कुमार, आनंद गुड्डू, आनंद शर्मा, राजेश गुप्ता, डॉक्टर उदय शंकर, गौतम गोविंदा और चेतन शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन स्वर्गीय गोपाल गुप्ता जी की आत्मा की शांति के लिए रखे गए दो मिनट के मौन के साथ हुआ। उपस्थित सभी सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने संकल्प लिया कि गोपाल बाबू के समाजसेवा के विचारों और उनके जीवन मूल्यों को सदैव जीवित रखा जाएगा। यह सभा इस बात का प्रमाण थी कि एक व्यक्ति अपने सरल व्यवहार और सेवा भावना से समाज के हृदय में अमर हो जाता है।



