न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
मुंगेर स्थित वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर में बुधवार को एक भावपूर्ण विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका संगीता सहाय की सेवा निवृत्ति के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें उनके दशकों लंबे शैक्षणिक योगदान को याद कर उन्हें सम्मानित किया गया।
संस्कार और सेवा का संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और शिक्षिका शिवांगी सिन्हा द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ‘स्नेह के हम सुमन लेकर कर रहे स्वागत तुम्हारा’ से हुआ। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने संगीता सहाय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “उन्होंने शिक्षा को महज पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाया। धैर्य और व्यवस्थित कार्यप्रणाली उनके व्यक्तित्व की पहचान है, जिससे समाज को नई दिशा मिली।”
उप प्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह और बालिका खंड प्रभारी राखी कुमारी ने उनके अनुशासन और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगीता जी ने पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों के भीतर जीवन मूल्यों और संस्कारों का बीजारोपण किया।
अनुभवों की सांझी विरासत
समारोह के मुख्य अतिथियों में शामिल पत्रकार संतोष सहाय ने प्रेरक शब्दों में कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता; वह ताउम्र समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहता है। वहीं, प्राथमिक खंड प्रभारी सुजीता कुमारी, शिक्षिका पाणिनी मिश्रा और शिक्षक नीरज कुमार मिश्र ने संगीता जी के साथ बिताए सुनहरे पलों और उनके मृदुभाषी स्वभाव को याद किया।
भावुक विदाई और सम्मान
अपनी विदाई पर संगीता सहाय भावुक दिखीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह विद्यालय और यहाँ के छात्र मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। कर्म ही प्रधान है और ईश्वर प्रदत्त कार्यों को निष्ठा से करना ही हमारी असली सफलता है।”
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:
संगीतमय विदाई: शिक्षिका सुवर्णा घोष ने हृदयस्पर्शी विदाई गीत प्रस्तुत किया।
विशेष उपहार: शिक्षिका चित्रा मिश्रा ने बड़ी दुर्गा माँ की तस्वीर और उनके कार्यकाल की यादों का एक फोटो संग्रह भेंट किया।
सराहना: डॉ. काशीनाथ मिश्र और मुकेश कुमार सिन्हा ने उनके प्रभावी शिक्षण कौशल और सजगता की प्रशंसा की।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुरीति राज ने किया। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया और उपप्रधानाचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस गौरवपूर्ण विदाई समारोह का समापन हुआ।



