न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
प्रशासन जब फाइलों से निकलकर पगडंडियों पर उतरता है, तो विकास की रफ्तार क्या होती है, इसकी एक बड़ी मिसाल बुधवार को मुंगेर में देखने को मिली। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने खड़गपुर प्रखंड की दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों के बीच बसे गंगटा पंचायत के दुधपनिया ग्राम में धमक देकर व्यवस्था को हिला दिया। यह सिर्फ एक सरकारी दौरा नहीं था, बल्कि दशकों से उपेक्षित अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के हक की लड़ाई का सीधा मोर्चा था।

जनता से संवाद करते डीएम
फ्लोराइड के खिलाफ जंग: बीमारों के द्वार पहुंचे जिलाधिकारी
दुधपनिया गाँव लंबे समय से फ्लोराइड युक्त दूषित पानी का दंश झेल रहा है। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए उन परिवारों के घर-घर जाकर मुलाकात की, जो इस जहरीले पानी की वजह से शारीरिक व्याधियों से जूझ रहे हैं। मौके पर ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि पानी की समस्या का कोई अस्थायी जुगाड़ नहीं, बल्कि ‘ठोस और समुचित’ समाधान चाहिए।
डीएम ने तत्काल आदेश दिया कि गाँव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर हर एक ग्रामीण की मेडिकल जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, “सरकार आपके द्वार आई है, अब कोई भी ग्रामीण इलाज और साफ पानी के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा।”

महिला को श्रम कार्ड श्रम कार्ड सौंपते डीएम
3 घंटे में श्रम कार्ड: सुस्त सिस्टम को डीएम का कड़ा संदेश
प्रशासनिक फुर्ती का सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुन्नी देवी नामक महिला ने श्रम कार्ड के लिए आवेदन दिया। आमतौर पर हफ़्तों चक्कर लगवाने वाले इस काम को जिलाधिकारी ने महज 3 घंटे में पूरा करवाया और खुद अपने हाथों से मुन्नी देवी को कार्ड सौंपा। यह उन अधिकारियों के लिए सीधा संदेश था जो फाइलों को दबाकर बैठते हैं।

अपनी अपनी मांग लेकर कैंप में पहुंचे ग्रामीण
कैंप बना ‘समाधान केंद्र’: मांगों की लगी झड़ी
प्राथमिक विद्यालय दुधपनिया में आयोजित कैंप किसी उत्सव से कम नहीं था। जिलाधिकारी ने न केवल आवेदन लिए, बल्कि कई विभागों को एक साथ ऑन-स्पॉट टारगेट दिए:
बिजली और संचार: गाँव में निर्बाध विद्युत आपूर्ति और मोबाइल टावर लगाने के निर्देश।
शिक्षा और खेल: नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण और युवाओं के लिए फुटबॉल मैदान की तैयारी।
आजीविका: मत्स्य पालन, उद्यमी योजना और मृदा जांच के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।
भावुक पल: बच्चों को चॉकलेट और गर्भवती महिला की गोदभराई

गर्भवती महिला की गोद भराई करते डीएम व अन्य अधिकारी
डीएम का दिखा मानवीय चेहरा
कठोर अनुशासन के बीच जिलाधिकारी का मानवीय चेहरा भी सामने आया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में एक गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म पूरी कर उसे मातृत्व सुख और बेहतर स्वास्थ्य का आशीर्वाद दिया। साथ ही, गाँव के छोटे-छोटे बच्चों के बीच चॉकलेट बांटी, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।

अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश देते डीएम
अधिकारियों को अल्टीमेटम: “हर हफ्ते लगेगी क्लास”
डीएम निप्पाणीकर ने कड़े लहजे में सभी जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि दुधपनिया में प्रत्येक सप्ताह कैंप लगाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि केवल आवेदन लेना काफी नहीं है, जांच के बाद ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना अनिवार्य है।
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह और अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रोशन सहित भारी संख्या में प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।



