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सावधान! मुंगेर में साइबर ठगों का बड़ा वार: रिटायर्ड रेलकर्मी और व्यवसायी से 13 लाख की ठगी

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे निरंतर जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर अपराधी मासूम लोगों को अपनी जाल में फंसाने में कामयाब हो रहे हैं। ताज़ा मामले में साइबर ठगों ने ठगी के दो अलग-अलग पैंतरे आज़माते हुए एक रिटायर्ड रेलकर्मी और एक व्यवसायी से कुल 12 लाख 86 हजार रुपये उड़ा लिए हैं।

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पेंशन अपडेट के नाम पर रिटायर्ड कर्मी को लगाया चूना
पहला मामला जमालपुर रेल कारखाना के रिटायर्ड कर्मी जवाहर साह (निवासी दशरथपुर पचरूखी) से जुड़ा है। ठगों ने खुद को रेल कारखाना का कर्मचारी बताकर उन्हें फोन किया और पेंशन मैसेज अपडेट करने का झांसा दिया। अपराधी के कहने पर जैसे ही पीड़ित ने अपने मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड की, उनके खाते से 99,999 रुपये साफ हो गए। वहीं दूसरा मामला शादीपुर के व्यवसायी मधुरेंद्र कुमार सिंह का है। वे टेलीग्राम के जरिए उत्तराखंड की एक फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के संपर्क में आए। शुरुआती निवेश पर मुनाफा दिखाकर ठगों ने उनका भरोसा जीता और फिर गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर उनसे 11 लाख 86 हजार रुपये निवेश करा लिए। जब मुनाफा वापस नहीं मिला और पैसों की मांग की गई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना मुंगेर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी राकेश रंजन ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान के जरिए अपराधियों तक पहुँचने का प्रयास जारी है। उन्होंने आम जनता के लिए कड़ा संदेश जारी किया है:
सतर्क रहें: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल या संदिग्ध लिंक ओपन न करें।
पेंशनर्स ध्यान दें: विभाग कभी भी फोन पर फाइल डाउनलोड करने या ओटीपी नहीं मांगता।
तुरंत करें कॉल: यदि आप ठगी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए टोल-फ्री नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
“साइबर अपराधी आपकी एक छोटी सी चूक का इंतज़ार कर रहे हैं। लालच और अनजान कॉल्स से दूरी ही आपकी सुरक्षा है।” – राकेश रंजन, डीएसपी

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