Homeदेश - विदेशअंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा प्रसिद्ध भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण- डिप्टी सीएम

अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा प्रसिद्ध भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण- डिप्टी सीएम

-आरंभ हुई भीम बांध में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की पहल, एपीएचसी के प्रस्तावित स्थल का अधिकारी ने किया निरीक्षण

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

मुंगेर में पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। जिसमें मुंगेर जिले के प्रसिद्ध भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाये जिने की योजना है। उन्होंने वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है।

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी


बताते चलें कि लगभग 682 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण में घने जंगल, गर्म जल के प्राकृतिक झरने और विविध वन्यजीव जैसे बाघ, तेंदुआ, चीतल व भालू निवास करते हैं। महाभारत काल से जुड़ी किंवदंतियों के कारण यह स्थान धार्मिक पर्यटन का भी केंद्र है। डिप्टी सीएम ने आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण योजनाओं और पर्यटक सुगमता पर जोर देते हुए कहा है कि इसे वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा। प्रस्ताव में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क संपर्क, सुरक्षा उपायों और इको-टूरिज्म को प्राथमिकता दी जाएगी।

एपीएचसी के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करते एसडीओ

डिप्टी सीएम का निर्देश मिलते ही तेज हुई प्रशासनिक गतिविधियां
हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रौशन, अंचल अधिकारी जयप्रकाश, राजस्व कर्मचारी संतोष यादव एवं स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य प्रबंधक उमेश कुमार ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) के लिए चयनित एवं प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से अति नक्सल प्रभावित रहे भीमबांध गांव में सीआरपीएफ कैंप के समीप तथा शामपुर में दुर्गा स्थान के पास अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन स्थलों के चयन को लेकर कवायद तेज कर दी गई है, ताकि जल्द से जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

एपीएचसी के चयनित स्थल का निरीक्षण करते अधिकारी

पर्यटकों और स्थानीय लोगों का आवागमन हुआ आसान
गौरतलब है कि भीमबांध गांव एक समय नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन सरकार के निरंतर प्रयासों से यहां स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। अब भीमबांध एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। पिछले कुछ वर्षों में भीम बांध क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। जहां पहले सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब चौड़ी और सुगम सड़कें बन चुकी हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों का आवागमन आसान हुआ है। अब प्रशासन का फोकस भीमबांध सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता आसपास की आबादी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बिंदुओं का जायजा लिया।

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