न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर
महिलाओं की सुरक्षा और समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बीआरएम महाविद्यालय की एनएसएस (NSS) इकाई द्वारा ‘यौन उत्पीड़न निवारण सप्ताह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और घरेलू महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं और पुलिस कर्मी
जागरूकता ही सुरक्षा का आधार
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एनएसएस पदाधिकारी डॉ. वंदना कुमारी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा, “समाज में जब तक छात्राएं सजग और जागरूक नहीं होंगी, तब तक उन्हें बाहरी सुरक्षा की आवश्यकता बनी रहेगी। डर के आगे ही जीत है और संघर्ष ही जीवन को निखारता है।” उन्होंने छात्राओं को अपनी सुरक्षा के लिए डटकर खड़े होने का आह्वान किया।
साइबर सुरक्षा और पुलिस सहायता की जानकारी
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुंगेर की महिला थानाध्यक्ष कृति कुमारी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने छात्राओं को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर अपनी फोटो साझा करने से परहेज करें, क्योंकि साइबर अपराधी इन तस्वीरों का दुरुपयोग कर सकते हैं। वहीं, सब-इंस्पेक्टर दीपशिखा ने छात्राओं को पुलिस द्वारा संचालित ‘अभय ब्रिगेड’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में छात्राएं 112 नंबर पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि कोई छात्रा उत्पीड़न का शिकार हो रही है, तो उसे छिपाने के बजाय अपने अभिभावकों और पुलिस से साझा करना चाहिए। इस अवसर पर बासुदेवपुर थाना के अभय ब्रिगेड से कांस्टेबल नीतीश कुमार और सोनू कुमार भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य, उपस्थित पुलिस पदाधिकारी
विशेषज्ञों का संबोधन: सशक्तिकरण के विविध पहलू
डॉ. अभय कुमार (हिंदी विभाग): उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल पूजन की वस्तु नहीं, बल्कि स्वयं को दुर्गा और काली के समान शक्तिशाली बनाना होगा।
डॉ. श्याम कुमार (इतिहास विभाग): उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए बताया कि भारत में महिलाएं शासिका रही हैं और सशक्त होकर वे इंदिरा गांधी की तरह कुशल नेतृत्व दे सकती हैं।
डॉ. शोभा राज (जंतु विभाग): उन्होंने स्पष्ट किया कि “ना का मतलब ना” होता है। अपनी इच्छाओं का हनन न होने दें और मानसिक रूप से मजबूत बनें।
इस कार्यक्रम में डॉ. दानिश आरा, डॉ. प्रीति कुमारी सहित ईशा, मलका, गीतांजलि और रीतिका जैसी 100 से अधिक छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सुरक्षा का संकल्प लिया।



