Homeस्वास्थ्यहक के लिए हुंकार: 12 फरवरी को मुंगेर में आशा कार्यकर्ताओं की...

हक के लिए हुंकार: 12 फरवरी को मुंगेर में आशा कार्यकर्ताओं की महा-हड़ताल, सिविल सर्जन कार्यालय पर होगा प्रदर्शन

न्यूज अंग दस्तक | मुंगेर

ट्रेड यूनियन ऐक्टू एवं बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट) के आह्वान पर आगामी 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित अखिल भारतीय आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए सदर अस्पताल मुंगेर के प्रांगण में आशा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष ऊषा देवी ने की।
अधिकारों पर प्रहार और सरकारी वादाखिलाफी
बैठक को संबोधित करते हुए ऊषा देवी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार श्रम कानूनों को कमजोर कर रही है। जिन 19 बिंदुओं में श्रमिकों को अधिकार प्राप्त थे, उन्हें समेटकर मात्र 4 कोड में बदल दिया गया है, जिससे यूनियन बनाने और अपनी आवाज उठाने का अधिकार खतरे में है।
प्रमुख मांगें और नाराजगी
आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए:
बकाया वेतन: पिछले 6 महीनों से वेतन और भत्ता बाधित है, जिससे कार्यकर्ताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मानदेय कर्मी का दर्जा: समझौते के बावजूद सरकार आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय कर्मी घोषित करने में देरी कर रही है।
आंदोलन की चेतावनी: यदि अविलंब बकाया भुगतान नहीं हुआ, तो आशा कार्यकर्ता चरणबद्ध और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
12 फरवरी को प्रदर्शन की रणनीति
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को एक दिवसीय हड़ताल के दौरान भारी संख्या में आशा कार्यकर्ता सिविल सर्जन (मुंगेर) के समक्ष उग्र प्रदर्शन करेंगी। बैठक में कल्याणी देवी, सबिता कुमारी, सुनीता देवी, शीला देवी और रानी कुमारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संकल्प लिया।

RELATED ARTICLES

Most Popular